सोमवार, 7 जनवरी 2008

मैं बिहार हूँ क्यों

बिहारियत की विशिष्ट पहचान और उस पर आत्मा गौरव के लिए इप्टा ने एक जन अभियान चलाया है। बिहार और बिहार में रहने वाले सारे बिहारी खुद को बिहारी कहने में संकोच ना करे और बिहार की वर्मान की तल्खियों को दूर कर अतीत से उर्जा लेकर एक नए बिहार नींव डालें। अपने इस जन अभियान में इप्टा ने दैनिक हिंदुस्तान अखबार के वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत के एक राजनीतिक आलेख का नाट्य रूपांतरण कर बिहार के गाँव और शहरों में हजारों प्रस्तुतियां की। तनवीर अख्तर के निर्देशन में इप्टा कर्मियों ने नए बिहार के निर्माण का अलख जगाया है और बेहतर बिहार की लिए बिहार और बिहारियों के आत्मा सम्मान के लिए संकल्प्बध प्रयासरत हैं.

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